दुनियाँ से नहीं
तनहा हो कभी तो मुझको ढूँढना !
दुनियाँ से नहीं अपने दिल से पूछना !!
आस पास ही कही बसे रहते हैं हम !
यादों से नहीं साथ गुजरे वो लम्हों से पूछना !!
तनहा हो कभी तो मुझको ढूँढना !
दुनियाँ से नहीं अपने दिल से पूछना !!
आस पास ही कही बसे रहते हैं हम !
यादों से नहीं साथ गुजरे वो लम्हों से पूछना !!
हर कोई साथ हो ये जरुरी नहीं होता !
जगह तो दिल में बनायीं जाती हैं !!
पास होकर भी दोस्ती इतनी अटूट नहीं होती !
जितनी की दूर रह कर निभाई जाती हैं !!
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