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7 जून 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 126)

(१) भले ही किसी गैर की जागीर थी वो !
पर मेरे ख्वाबो की तस्वीर थी वो....!!
मुझे मिलती तो वो कैसे मिलती !
किसी और के हिस्से की तकदीर थी वो !!

(२) एक कसक दिल में दबी रह गई !
जिंदगी में उनकी कमी रह गई...!!
इतनी उल्फत के बाद भी वो मुझे न मिली !
शायद मेरी किस्मत में ही कुछ कमी रह गई !!

(३) अधूरी ख्वाइस पूरी हो जाए !
मुझे याद करना उनकी मज़बूरी हो जाए !!
ऐ खुदा कुछ ऐसी तकदीर बना दे मेरी !
की उनकी हर ख़ुशी हमारे बिना अधूरी हो जाए !!

(४) याद न करोगे तो भुला भी न सकोगे !
मेरे ख़याल को अपने दिल से मिटा न सकोगे !!
एक बार जो देख लो मेरे दिल की ज़ख्म !
फिर सारी जिंदगी कभी मुस्कुरा न सकोगे !!

(५) कभी फूल कभी हवा बन के छा जायेंगे !
हम तो मर कर भी आपका साथ निभा जायेंगे !!
कभी आप तन्हाई में याद करना हमें...!
हँसी बनकर आपके होंठो पे उतर जायेंगे !!

1 Post a Comment:

Karan Agnihotri,  25 अक्तूबर 2014 को 12:57 pm  

Bhool se bhool hui ho humse
To bhool samajhkar bhool jana
Bhoolna sirf bhool ko
Bhool se hume na bhool jana..........

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