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13 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 63)

(१) जब नदी में पानी आती हैं तो किनारे टूट जाते हैं !
जब नया दोस्त मिलते हैं तो पुराना छुट जाते हैं !!
मगर ये मत भूलना एय मेरे दोस्त.....!
जब नए दिल दुखाते हैं तो पुराने ही याद आते हैं !!

(२) कैसे कहूँ की उल्फत नहीं हैं !
आपको याद करने की फुरसत नहीं हैं !!
आप कहदो तो भुला दूँ जमाने को !
पर आपको भूलने की मुझमे हिम्मत नहीं हैं !!

(३) कभी कभी मोहब्बत में वादे टूट जाते हैं !
इश्क के कच्चे धागे टूट जाते हैं !!
झूठ बोलता होगा चाँद भी.... !
इसलिए तो रूठ के तारे टूट जाते हैं !!

(४) दिल में आरजू के दिए जलते रहेंगे !
आँखों से आँशु निकलते रहेंगे !!
तुम शमा बनकर रौशनी तो करो !
हम मोम बनकर हमेशा पिघलते रहेंगे !!

(५) ना छुपाना कोई बात दिल में हो अगर !
रखना थोड़ा भरोसा तुम हम पर !!
हम निभायेगे हर रिश्ता को इस कदर !
की आप ना भूल पाओगे हमें ज़िन्दगी भर !!

2 Post a Comment:

वीना श्रीवास्तव,  13 अप्रैल 2011 को 6:13 pm बजे  

भई वाह क्या शेर हैं बहुत मजा आया पढ़कर...
आप भी आइए.....शायरी आगे भी पढ़ना चाहूंगी...

World Of Hindi Shayari,  15 अप्रैल 2011 को 10:08 am बजे  

बहुत - बहुत धन्यवाद....

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