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30 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 87)

(१) प्यार ने हमें बेनाम कर दिया !
हर ख़ुशी से हमें अंजान कर दिया !!
हमने नहीं चाहा की प्यार हमें भी हो !
पर उनकी आँखों ने हमें मजबूर कर दिया !!

(२) रिश्ते किसी से कुछ यूँ निभा लो !
की उसके दिल के सारे गम चुरा लो !!
इतना असर छोर दो किसी पे अपना !
की हर कोई कहे हमें भी अपना बना लो !!

(३) नफरत लाख मिली मोहब्बत न मिली !
जिंदगी बीत गई पर राहत न मिली !!
तेरी महफिल में हर शक्स को हँसते देखा !
एक मैं था जिसे हँसने की इजाजत न मिली !!

(४) दिल के दर्द को छुपाना कितना मुस्किल हैं !
टूट के फिर मुस्कुराना कितना मुस्किल हैं !!
किसी के साथ दूर तक जा कर तो देखो...!
अकेला लौट के आना कितना मुस्किल हैं !!

(५) जो कमी थी वो दूर हो गई !
जिंदगी एक खिलता हुवा फूल हो गई !!
दुवा की थी एक सच्चे दोस्त की....!
तुम मिली तो लगा की शायद हमारी दुवा कबूल हो गई !!

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 86)

(१) बरा अजीब हैं ये जिंदगी का मोर !
अनजानी राहों में दोस्त बन जाते हैं !!
मिलने की ख़ुशी दे न दे पर.....!
बिछरने का गम जरुर दे जाते हैं !!

(२) मौसम नहीं जो पल भर में बदल जाऊ !
जमीन से दूर कहीं और ही निकल जाऊ !!
पुराने वक्त का सिक्का हूँ मुझे फेक न देना !
बुरे दिनों में शायद मैं ही चल जाऊ !!

(३) सब कुछ हैं मेरे पास पर दिल की दवा नहीं !
वो दूर हैं मुझ से पर मैं खफ़ा नहीं......!!
मालूम हैं अब भी प्यार करती हैं मुझसे !
वो थोरी जिद्दी हैं मगर बेवफ़ा नहीं...!!

(४) दिल यूँ ही किसी पर आता नहीं !
प्यार यूँ ही किसी से किया जाता नहीं !!
प्यार करो तो दर्द सहने की आदत डाल लेना !
क्योकि ये वो दर्द हैं जो "मूव" से भी जाता नहीं !!

(५) हर वक्त हँसने की आदत हो गई हैं !
जिंदगी तेरे यादों की इबादत हो गई हैं !!
बस साँस चल रही हैं इस मुर्दे जिस्म में !
रूह तेरे साथ ही रुक्सत हो गई हैं....!!

29 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 85)

(१) किसी को प्यार इतना देना की हद न रहे !
पर ऐतबार भी इतना करना की शक न रहे !!
वफ़ा इतना करना की बेवफाई न रहे !
और दुवा इतना करना की जुदाई न रहे !!

(२) दोस्ती हर चेहरे की मुस्कान होती हैं !
दोस्ती सुख - दुःख की पहचान होती हैं !!
कोई रूठ जाए तो दिल पे मत लेना !
क्योकि दोस्ती ज़रासी नादान होती हैं !!

(३) क्या करूँगा उसका इंतज़ार करके !
जब चली गई वो मुझे बर्बाद करके !!
सोचा था अपना भी एक जहाँ होगा !
मगर मिली सिर्फ तन्हाई उसे प्यार करके !!

(४) चाहे वफ़ा में ठोकरे खाते रहो !
फिर भी रस्म-ऐ-वफ़ा निभाते रहो !!
यही तो इश्क का दस्तूर हैं !
ज़ख्म खाओ फिर भी मुस्कुराते रहे !!

(५) कल तक तनहा थे आज इंतज़ार हैं !
कल तक कुछ नहीं न था आज ऐतबार करते हैं !!
यूँही आपको हिचकीयाँ नहीं आती.....!
हम याद ही आपको बार - बार करते हैं !!

28 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 84)

(१) दिल की अमीरी बाज़ार में नहीं मिलती !
सच्ची दोस्ती हर डाल पे नहीं खिलती !!
अपनों पे सदा ऐतबार रखो दोस्त...!
क्यों की सच्ची दोस्ती बार - बार नहीं मिलती !!

(२) एक मुलाकात करो हम से इनायत समझ कर !
देंगे जिंदगी का हिसाब क़यामत समझ कर !!
कभी हमारी दोस्ती पर शक न करना....!
हम दोस्ती भी करते हैं तो इबादत समझ कर !!

(३) पास बैठकर दिल उदास नहीं होता !
वक़्त गुजरते हैं कैसे ये एहसास नहीं होता !!
बिछर कर भर आती हैं आँखे......!
मगर आंसू पोछने के लिए कोई पास नहीं होता !!

(४) दिल को खरीदने वाले हजार मिल जायेंगे !
आपको दगा देने वाले हजार मिल जायेंगे !!
मिलेगा न आपको हम जैसा कोई.....!
मिलने को तो दोस्त बेसुमार मिल जायेंगे !!

(५) न जाने मौत क्यों नहीं आती !
ये साँस बंद क्यों नहीं हो जाती !!
नफरत हैं इस जिंदगी से मुझे !
न जाने फिर भी खुदा को मेरी याद क्यों नहीं आती !!

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 83)

(१) न पूछो हमसे कोई सवाल !
जिंदगी खुद सवाल बन के रह गई !!
दर्द इतना हैं इस सीने में की.....!
ख़ुशी एक ख्याल बन कर रह गई !

(२) न कभी मुस्कुराहट तेरे होठों से दूर हो !
तेरी हर ख्वाइश हकीकत को मंजूर हो !!
हो जाए कभी जो तू मुझसे खपा....!
खुदा न करे मुझसे कभी ऐसा कसूर हो !!

(३) आगोश-ए-सितम में ही छुपा ले कोई !
तनहा हूँ तड़पने से बचा ले कोई !!
सुखी हैं बरी देर से पलकों की जुबान !
बस आज तो जी भर के रुला दे कोई !!

(४) आइना हूँ मेरे सामने आ कर तो देखो !
खुद नज़र आओगे आँखे मिला कर तो देखो !!
दिल आपका हैं जान भी दे दूँ आप पर !
बस मेरे साथ जरा दिल से निभा के तो देखो !!

(५) उसे उदास कर खुद भी रोना हैं !
ये हादसा जाने क्यों होना हैं !!
तोर कर मुझे वो यूँ जोरते हैं अक्सर !
जैसे उनके वास्ते दिल मेरा कोई खिलौना हैं !!

27 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 82)

(१) ख्वाबो की बरात सजाना मुस्किल हैं !
आपकी मुलाकात को भुलाना मुस्किल हैं !!
इस कदर रंगा हैं दिल आप के प्यार में !
की इस दिल से आप को निकालना मुस्किल हैं !!

(२) तेरी ख़ामोशी मुझे तेरी ओर खिचती हैं !
मेरी हर आह तेरी तकलीफ समझती हैं !!
मालूम हैं की मजबूर हो तुम......!
फिर भी मेरी नज़र तेरे दीदार को तरसती हैं !!

(३) सब से अलग सबसे न्यारे हो आप !
तारीफ पूरी न हो इतने प्यारे हो आप !!
आज पता चला ज़माना क्यों जलता हैं आपसे !
क्योकि दोस्त तो आखिर हमारे हो आप !!

(४) कही पर गम कही सरगम !
ये सारे कुदरत का नज़ारे हैं !!
प्यासे तो वो भी रह जाते हैं !
जो दरिया के किनारे हैं !!

(५) तरसते थे जो मिलने को हमसे कभी !
आज वो मेरे साए से कतराते हैं !!
हम भी वही हैं दिल भी वही हैं !
न जाने क्यों लोग बदल जाते हैं !!

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 81)

(१) जिए हुवे लम्हों को जिंदगी कहते हैं !
जो दिल को सुकून दे उसे ख़ुशी कहते हैं !!
जिसके होने की ख़ुशी से जिंदगी मिले !
ऐसे ही रिश्तो को दोस्ती कहते हैं !!

(२) ये पैगाम तो एक बहाना हैं !
इरादा तो आपको हमारी याद दिलाना हैं !!
आप याद करे या न करे कोई बात नहीं !
पर आपकी याद आ रही हैं बस इतना बताना हैं !!

(३) सादगी से सुन्दर सूरत हैं तेरी !
दिल में जो समाई वो मूरत हैं तेरी !!
डूब के जिसमे खो जाता हूँ अक्सर...!
ये आँखे भी बहुत खुबशुरत हैं तेरी !!

(४) दिल में बसा एक नाम हैं !
उनकी खुशबू तक की हमें पहचान हैं !!
अगर हमारे न हो सके वो तो कोई गम नहीं !
क्योकि इश्क में लुट जाना आशिको का काम हैं !!

(५) लाजबाब हैं हमारा जीने का फसाना !
कोई सीखे हमसे हर पल मुस्कुराना !!
कोई मेरी हँसी को नज़र न लगाना !
बरी मुस्किल से सिखा हैं गम छुपा कर मुस्कुराना !!

26 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 80)

(१) वक्त हैं बदला और बदली सी कहानी हैं !
संग मेरे हसीन पल की यादे पुराणी हैं !!
न लगा तू मेरे जख्म पर मलहम....!
मेरे पास उसकी बस यही एक निशानी हैं !!

(२) निकले कोई अगर दिल में बस जाने के बाद !
दर्द होता हैं बहुत बिछर जाने के बाद....!
जो पास होते हैं उनकी कदर नहीं होती !
कमी महसूस होती हैं दूर जाने के बाद !!

(३) तेरी याद में जियेंगे मरेंगे !
तुझे अपनी पलकों में छुपा लेंगे !!
उस चाँद से हमें क्या लेना....!
हम तो इस धरती के चाँद को सिने से लगा लेंगे !!

(४) इन दूरियों को बेरुखी मत समझो !
इन खामोशियों को नाराजगी मत समझो !!
हर कदम पर साथ देंगे तुम्हारा....!
जिंदगी ने साथ न दिया तो बेवफ़ा मत समझना !!

(५) मैंने कहा वो अजनबी हैं !
दिल ने कहा दिल लगी हैं !!
मैं ने कहा सपना हैं !
दिल ने कहा फिर भी अपना हैं !!
मैंने कहा मेरी हार हैं !
दिन ने कहा यही तो प्यार हैं !!

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 79)

(१) उनकी याद बेचैन बना जाती हैं !
हर जगह हमें आपकी सूरत नज़र आती हैं !!
कैसा हाल किया आपके प्यार ने.....!
नींद भी आती हैं तो आँखे बुरा मान जाती हैं !!

(२) हर ज़ख्म किसी ठोकर की मेहरबानी हैं !
मेरी जिंदगी बस एक कहानी हैं !!
मिटा देते सनम के दर्द को सिने से !
पर ये दर्द ही तो उसकी प्यार की निशानी हैं !!

(३) मेरी आवाज़ उन्हें सुनाई नहीं देती !
अब तो कोई उम्मीद भी दिखाई नहीं देती !!
परवाह हैं उन्हें सारी दुनिया की.....!
बस एक मेरी ही तन्हाई उन्हें दिखाई नहीं देती !!

(४) हमारी हर अदा का आइना आपसे हैं !
हमारी हर मंजिल का रास्ता आपसे हैं !!
कभी न दूर होना हमारी जिंदगी से !
हमारी हर ख़ुशी का वास्ता आपसे हैं !!

(५) हस्तिया मिट गई नाम कमाने में !
उम्र बीत गई एक खुशियाँ पाने में !!
एक पल में दूर न हो जाना हम से !
हमें तो सालो लगे हैं आप जैसा दोस्त पाने में !!

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 78)

(१) हम मौजूद थे उजालो के तरह !
वो निकले ही नहीं ढूंढ़नेवालो की तरह !!
दिल तो क्या हम रूह में भी उतर जाते !
उसने चाहा नहीं चाहने वालो की तरह !!

(२) कुछ पल में सब दूर होते गए !
वक्त के आगे मजबूर होते गए !!
बस हम बेवफ़ा बने.....!
और सब बेकसूर होते गए !!

(३) हमारी गलतियों से टूट न जाना !
हमारी शरारत से कही रूठ न जाना !!
तुम्हारी दोस्ती ही हमारी जिंदगी हैं !
इस प्यारे से बंधन को भूल न जाना !!

(४) तन्हाई का उसने मंजर नहीं देखा !
अफ़सोस की मेरे दिल के अंदर नहीं देखा !!
दिल टूटने का दर्द वो क्या जाने.... !
जो उस लम्हों को जी कर नहीं देखा !!

(५) मेरे मोहब्बत का एतबार कर लो !
भुला के ज़माना हम से प्यार कर लो !!
चुरा लेंगे एक दिन जहाँ से तुझे....!
चाहे जितना भी तुम इनकार कर लो !!

25 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 77)

(१) बैठे थे तनहा किसी के आस में !
कुछ नहीं यादो के अलाबा मेरे पास में !!
सोचते हैं क्या हुवा जो कोई नहीं करीब मेरे !
रेगिस्तान भी तो जीता हैं बरसात की आस में !!

(२) तू ही बता दिल को समझाऊ कैसे !
जिसे चाहूँ उसे नजदीक लाऊ कैसे !!
यूँ तो हर तमन्ना हर एहसास हैं वो !
पर उस एहसास को ये एहसास दिलाऊ कैसे !!

(३) ये वादा हैं तुमसे हमारा !
टूटेगा न ये रिश्ता हमारा !!
अगर सांसो की डोर टूट गई !
साथ देने के लिए लेंगे जन्म दुबारा !!

(४) दुश्मन भी पेश आए हैं दिलदार की तरह !
नफरत मिली हैं उनसे प्यार की तरह !!
वो बेवफाई करके भी शर्मिंदा न हुए !
सूली पे चढ़े हम गुनहगार की तरह !!

(५) आँखे थक गई आपके इंतज़ार में !
वक्त ने लुटा हमें भरे बाज़ार में !!
क्यों नहीं आए आप हमसे मिलने !
हम में कमी थी या हमारा प्यार में !!

23 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 76)

(१) भींगी पलकों के साथ आँखे नाम थी !
जिंदगी उन से शुरू उन्ही पर ख़तम थी !!
वो रूठ के दूर चले गए हम से.....!
शायद उन्हें लगा की हमें उनसे मोहब्बत कम थी !!

(२) मुदत्त से थी उनसे मिलने की आरजू !
ख्वाइश-ए-दीदार में सब कुछ गवा दिया !!
किसी ने कहा वो आयेंगे रातो को.....!
इतना किया उजाला की घर तक जला दिया !!

(३) किस ने कहा की अनजान बन के आया करो !
दिल के आइने में मेहमान बन के आया करो !!
तुझे ही बक्षी हैं दिल की हुकूमत.....!
ये तेरी सल्तनत हैं सुलतान बन के आया करो !!

(४) क्यों कोई मुझे याद करेगा !
क्यों कोई मेरे लिए फरियाद करेगा !
अरे मैं तो एक आवारा पागल हूँ !
कौन पागल के लिए अपना कीमती वक्त बर्बाद करेगा !!

(५) मजबूरियों को हम आँखों में छुपा लेते हैं !
हम कहाँ रोते हैं हालात रुला देते हैं !!
हम तो हर पल याद करते हैं आपको !
पर आप याद न करने का इलज़ाम लगा देते हैं !!

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 75)

(१) तुम हो सुबह और साम की तरह !
तुम हो खुशियों के पैगाम की तरह !!
तुमको मिलने कब बुलाया हैं.......!
तुम याद रहते हो मुझे मेरे नाम की तरह !!

(२) कमी नहीं होती किसी के दूर जाने से !
गम जरुर होता हैं किसी के भूल जाने से !!
जिसे जुदाई का एहसास तक नहीं !
जाने क्यों आँशु आ जाते हैं उसकी याद आने से !!

(३) हमें उन से कोई सिकायत नहीं !
शायद हमारी किस्मत में चाहत नहीं !!
मेरी तक़दीर को लिखके उपरवालेभी मुकर गए !
पूछा तो बोला ये मेरी लिखबट नहीं.....!!

(४) बिना बताए उसने न जाने क्यों दुरी करदी !
बिछर के मोहब्बत ही अधूरी करदी....!!
मेरे मुकद्दर में गम आए तो क्या हुवा !
खुदा ने उसकी ख्वाइश तो पूरी करदी !!

(५) हमने चाहा हैं जिन्हें वो लाखों में एक हैं !
जाना हैं हमने उन्हें वो दिल के भी नेक हैं !!
उनकी दीवानी तो सारी दुनियाँ वाले हैं !
लेकिन हमारी दुनियाँ ही वो एक हैं !!

21 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 74)

(१) इस दिल से दूर वो जाते भी नहीं !
हकीकत में सामने वो आते भी नहीं !!
औरो के लिए वो रोते हैं रात - दिन !
पर मेरे लिए थोरा सा मुस्कुराते भी नहीं !!

(२) प्यार जिसे हम पा न सके !
एक जिंदगी जिसे हम निभा न सके !!
एक आप हैं जो हमें याद नहीं करते !
एक हम हैं जो आप को भुला न सके !!

(३) कुछ पल की ख़ुशी साथ में हैं !
ऐसा कोई लकीर हमारे हाथ में हैं !!
दूर रह कर भी आप को याद करते हैं हम !
शायद कोई बहुत प्यारी सी बात आप में हैं !!

(४) कमी नहीं होती किसी के दूर जाने से !
गम जरुर होता हैं किसी के भूल जाने से !!
जिसे जुदाई का एहसास तक नहीं !
जाने क्यों आँसू आ जाते हैं उसकी याद आने से !!

(५) अपने होठों पर सजा कर तुझे !
बस तेरे ही गीत गाना चाहता हूँ !!
जल कर बुझ जाना हमारी किश्मत में सही !
बस एक बार रौशन हो जाना चाहता हूँ !!

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 73)

(१) जिंदगी में कुछ न मिला तो क्या ग़म हैं !
आप जैसा दोस्त पाया ये क्या कम हैं !!
एक छोटी सी जगह पाई हैं आप के दिल में !
वो जगह क्या किसी ताजमहल से कम हैं !!

(२) आइना देखोगे तो मेरी याद आएगी !
साथ गुजरा वो मुलाकात याद आएगी !!
पल भर के लिए वक्त ठहर जाएगा !
जब भी आपको मेरी कोई बात याद आएगी !!

(३) मौजूदगी जरुरी नहीं, जरुरी तप एहसास हैं !
हम कहीं दूर नहीं, आपके आस - पास हैं !!
देखिये तो ज़रा अपने मन की आँखों से हमें !
हम तो हर कदम पर आपके साथ - साथ हैं !!

(४) मोहब्बत वो हैं जो सताती हैं !
नाज़ुक से दिल को तड़पाती हैं !!
करना न तुम कभी मोहब्बत किसी से !
कमबख्त ये वो हैं जो हँसते लोगो को भी रुलाती हैं !!

(५) बस इतने में ही कश्ती डूबा दी हमने !
जहाँ पहुचना था वो किनारा न रहा !!
गिर परते हैं लरखरा के कदमो से !
जो थामा करता था आज वो सहारा न रहा !!

20 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 72)

(१) रोज़ एक नई सिकायत हैं आपसे !
न जाने कैसी चाहत हैं आपसे !!
कहने को तो बहुत लोग हैं हमारे आस - पास !
दिल को न जाने कैसी मोहब्बत हैं आपसे !!

(२) एहसान किया उसने मुझे प्यार सिखाके !
होती हैं क्या चाहत ये मुझको समझाके !!
कुर्बानी हैं प्यार का असली मतलब !
छोर दिया मेरा साथ बस इतना बताके !!

(३) चाह कर भी हमसे जुदा न रह सकोगे !
रूठ कर भी हमसे खपा न रह सकोगे !!
रिश्ता नीभाने का मेरा अंदाज़ ही कुछ ऐसा हैं !
आप हमारे बिना एक पल भी न रह सकोगे !!

(४) प्यार से चाहो अरमान मांगलो !
रूठ कर चाहो मुस्कान मांगलो !!
बस तमन्ना ये हैं की न देना कभी धोखा !
फिर हँस के चाहे मेरी जान मांगलो !!

(५) तरस जाओगे एक अदा के लिए !
मचल जाओगे एक नज़र के लिए !!
न करना प्यार में बेवफाई कभी !
वर्ना जिंदगी भर ताड्पोगे किसीके वफ़ा के लिए !!

19 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 71)

(१) याद करने से किसी की दीदार नहीं होती !
यूँही किसी को याद करना प्यार नहीं होती !!
यादों में किसी के हम भी तरपते हैं .....!
बस उसे हमारे दर्द का एहसास नहीं होती !!

(२) क्या खूब उनकी आँखों की चमक देखी !
हर सूरत में बस उनकी झलक देखी !!
अचानक दिल बेकाबू हो के रोने लगा !
जब मैंने आंशुओ में भींगी उनकी पलक देखी !!

(३) वो नज़र कहाँ से लाऊ जो तुम्हें भुला दे !
वो दुवा कहाँ से लाऊ जो दर्द मिटा दे !!
बिछरना तो हाथो के लाकिड़ो में लिखा हैं !
वो तक़दीर कहाँ से लाऊ तो तुमसे मिला दे !!

(४) कोई आँखों से बात कर लेता हैं !
कोई आँखों में मुलाकात कर लेता हैं !!
बड़ा मुस्किल होता हैं जबाब देना !
जब कोई खामोश रह कर सवाल के लेता हैं !!

(५) कभी - कभी इन आँखों में नमी सी होती हैं !
कभी - कभी इन होठों पे हँसी सी होते हैं !!
एक अनजान सा रिश्ता हैं मेरा....!
वो तुम्ही हो जिस से मेरी जिंदगी - जिंदगी सी होती हैं !!

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 70)

(१) बहुत खुबशुरत हो तुम !
खुद को दुनियाँ की नज़रों से बचाया करो !!
सिर्फ आँखों में काजल ही नहीं...!
गले में निम्बू मिर्च भी लटकाया करो !!

(२) बहुत खुबशुरत हैं ये दुवा हमारी !
फूलों की तरह महके ये जिंदगी तुम्हारी !!
मुझे क्या चाहिए और जिंदगी से.... !
बस कभी ख़त्म न हो ये दोस्ती हमारी !!

(३) बात - बात पे लोग रूठ जाते हैं !
हाथ उनके अनजाने में छुट जाते हैं !!
कहते हैं बार नाज़ुक हैं प्यार का रिश्ता !
इसमें हँसते - हँसते भी दिल टूट जाते हैं !!

(४) भूल शायद बहुत बरी करली !
हमने दुनियाँ से दोस्ती करली !!
तुम मोहब्बत को खेल समझते हो !
हम ने तो बर्बाद अपनी जिंदगी करली !!

(५) जिंदगी गुजर जाएगी आहिस्ता - आहिस्ता !
फिर ये वक्त याद आएगा आहिस्ता - आहिस्ता !!
क्या आप मुझे याद रखोगे हमेशा....!
या फिर याद मिट जाएगी आहिस्ता - आहिस्ता !!

18 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 69)

(१) कितना सरुर रात की तनहाइयों में था !
चुप था चाँद जैसे रुसवाइयों में था !!
लोग जाग रहे थे इबादत के लिए !
और ये दिल किसी की यादों की गहराइयों में था !!

(२) वादा हमने किया था निभाने के लिए !
एक दिल दिया था एक दिल पाने के लिए !!
उन्होंने मोहब्बत सिखा दी और कहा की...!
हमने मोहब्बत की थी किसी और को जलाने के लिए !!

(३) साथ अगर दोगे तो मुश्कुरायेगे जरुर !
दोस्ती दिल से करोगे तो निभायेगे जरुर !!
राह में कितने कांटे भी क्यों न हो !
आवाज़ अगर दिल से दोगे तो आयेंगे जरुर !!

(४) फिर दूर से एक बार सता दो मुझे !
मेरी तन्हाई का एहसास दिला दो मुझे !!
तू तो रौशनी है तुझे मेरी ज़रूरत क्या होगी !
मैं दिया हूँ किसी दहलीज़ पर ही जला दो मुझे !!

(५) जितना मज़ाक दुनियाँ उराती हैं !
उतनी ही तक़दीर जगमगाती हैं !!
जब करम खुदा का होता हैं !
तो जिंदगी पल भर में बदल जाती हैं !!

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 68)

(१) तुझे हर मोड़ पे कोई न कोई चाहेगा !
पर मेरे जैसा यार तू कहाँ पाएगा !!
हम तो बिना बोले जान लुटा देंगे तुझपे !
पर तू मेरे मरने का गम न सह पाएगा !!

(२) शाम की शमा में एक तस्वीर नज़र आती हैं !
तब इन होठों से एक बात निकल आती हैं !!
कब होगी उनसे जी भर के बातें !
बस ये सोच हर शाम गुजर जाती हैं !!

(३) जिंदगी हर पल ढलती हैं !
जैसे रेत मुट्ठी से फिसलती हैं !!
कितने भी गम हो हर हाल में हँसते रहना !
क्योकि ये जिंदगी ठोकर से ही सम्भलती हैं !!

(४) अँधेरे ने कभी रौशनी नहीं देखि !
मौत ने कभी जिंदगी नहीं देखि !!
जो कहते हैं मिट जाती हैं दूरियों से दोस्ती !
उन्होंने शायद हमारी दोस्ती नहीं देखि !!

(५) टूट जाते है बिखर जाते हैं !
काँच के घर में मुकदर अपने !!
अजनबी तो सदा प्यार से मिलते हैं !
भूल जाते हैं तो अक्सर अपने !!

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 67)

(१) किसी को दर्द की गहराई मार डालेगी !
किसी को प्यार की सच्चाई मार डालेगी !!
बिछर के मोहब्बत में कोई जी नहीं सकेगा !
जो बच गया उसे तन्हाई मार डालेगी !!

(२) जख्म छुपाने के लिए बहाना चाहिए !
दर्द सुनाने के लिए ज़माना चाहिए !!
हर शक्स करीब आके चला जाता हैं !
एक वो ही नहीं आये जिनको आना चाहिए !!

(३) दोस्ती के बंधन कुछ अजीब होते हैं !
जितने नाजुक उतने ही मजबूत होते हैं !!
उठा लेते हैं जो काँटों को हाथो में !
फूल भी उन्ही हो नसीब होते हैं !!

(४) एक काँच ने पत्थर से मोहब्बत करली !
टकरा कर उससे अपनी जिंदगी चकनाचूर करली !!
काँच की दीवानगी तो देखिए......!
अपने हजारो टुकरो में भी उसकी तस्वीर भरली !!

(५) रुला कर वो हमें खुश हो जायेंगे !
साथ में न सही दूर जाके मुस्कुरायेंगे !!
दुवा हैं खुदा से उनको दर्द न देना !
हम तो सह गए पर वो टूट जायेंगे !!

15 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 66)

(१) उनकी याद में जलना अजीब लगता हैं !
धीरे - धीरे से पिघलना अजीब लगता हैं !!
सारी दुनियाँ के बदलने से मुझे फर्क नहीं परता !
बस कुछ अपनों का बदलना अजीब लगता हैं !!

(२) मेहनत लगती हैं सपनो को हकीकत बनाने में !
होसला लगता हैं बुलंदियों को पाने में .....!!
अरसा लगता हैं एक जिंदगी बनाने में !
जिंदगी भी कम पर जाती हैं एक सच्चा दोस्त पाने में !!

(३) हर खामौशी में दो बात होती हैं !
हर दिल में एक याद होती हैं !!
आपको पता हो या न हो ...!
आपकी ख़ुशी के लिए रोज हमारी फरियाद होती हैं !!

(४) रूठे हुए को मनाना जिंदगी हैं !
दुसरो को हँसाना जिंदगी हैं !!
कोई जीत कर खुश हुवा तो क्या हुवा !
सब कुछ हार कर मुश्कुराना जिंदगी हैं !!

(५) मुमकिन नहीं इस प्यार को भुला पाना !
मुमकिन नहीं आपको यादों से मिटा पाना !!
आप एक कीमती तोहफा हो दोस्ती का !
मुमकिन नहीं इस तोहफे की किम्मत चूका पाना !!

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 65)

(१) जिंदगी भर उनका साथ न भूल पाएगे !
वो समझते हैं हम सब भूल जाएगे !!
हर कोई नहीं होता मेरे जैसा .....!
ये किसी दिन वो खुद समझ जाएगे !!

(२) किसी के दिल में बसना बुरा तो नहीं !
किसी को दिल में बसाना खता तो नहीं !!
गुनाह होगा दुनियाँ की नजरो में तो क्या हुवा !
दुनियाँ वाले खुदा तो नहीं ?? !!

(३) गालो पे आसुओ की लकीर बन गई !
कभी न सोचा था ऐसी तक़दीर बन गई !!
हमने तो फिराई थी यूँही रेत पे उँगलियाँ !
देखा तो तुम्हारी तस्वीर बन गई !!

(४) यादों का ये शिलशिला बनाए रखना !
दोस्त कहा हैं तो दोस्ती बनाए रखना !!
जान तो नहीं मागेंगे हम आपसे !
गुजारिश हैं आपसे की जान पहचान बनाए रखना !!

(५) हर सपनो को अपनी साँसों में रखलो !
हर मंजिल को अपनी बाहों में रखलो !!
जीत जरुर मिलेगी आपको....!
बस अपने इरादों को अपनी निगाहों में रखलो !!

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 64)

(१) दिल से दूर जिन्हें हम कर न सके !
पास भी उन्हें हम पा न सके !!
मिटा दिया प्यार जिसने हमारे दिल से !
हम उनका नाम लिख कर भी मिटा न सके !!

(२) मज़ा आता हैं हमें आपको सताने में !
रूठेही न कोई तो मज़ा क्या हैं मनाने में !!
एक तुम से ही हैं ख़ुशी जरासी ......!
वर्ना राख हैं दुनियाँ क्या हैं जमाने में !!

(३) काश ये जिंदगी हसीन होती !
खुद के चाहने से हर दुवा कबूल होती !!
कहने को तो सब अपने हैं......!
पर काश कोई ऐसा होता जिसे मेरे दर्द से तकलीफ होती !!

(४) तारो में अकेला चाँद जगमगाता हैं !
मुश्किलों में अकेला इंसान डगमगाता हैं !
काँटों से मत घबराना एय मेरे दोस्त !
काँटों में ही अकेला गुलाब मुश्कुरता हैं !!

(५) अब इस इंतज़ार की आदतसी हो गई हैं !
ख़ामोशी अब एक हालात सी हो गई हैं !!
न शिकवा न शिकायत हैं किसी से .... !
क्योकि अब अकेलापन से मोहब्बत सी हो गई हैं !!

13 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 63)

(१) जब नदी में पानी आती हैं तो किनारे टूट जाते हैं !
जब नया दोस्त मिलते हैं तो पुराना छुट जाते हैं !!
मगर ये मत भूलना एय मेरे दोस्त.....!
जब नए दिल दुखाते हैं तो पुराने ही याद आते हैं !!

(२) कैसे कहूँ की उल्फत नहीं हैं !
आपको याद करने की फुरसत नहीं हैं !!
आप कहदो तो भुला दूँ जमाने को !
पर आपको भूलने की मुझमे हिम्मत नहीं हैं !!

(३) कभी कभी मोहब्बत में वादे टूट जाते हैं !
इश्क के कच्चे धागे टूट जाते हैं !!
झूठ बोलता होगा चाँद भी.... !
इसलिए तो रूठ के तारे टूट जाते हैं !!

(४) दिल में आरजू के दिए जलते रहेंगे !
आँखों से आँशु निकलते रहेंगे !!
तुम शमा बनकर रौशनी तो करो !
हम मोम बनकर हमेशा पिघलते रहेंगे !!

(५) ना छुपाना कोई बात दिल में हो अगर !
रखना थोड़ा भरोसा तुम हम पर !!
हम निभायेगे हर रिश्ता को इस कदर !
की आप ना भूल पाओगे हमें ज़िन्दगी भर !!

12 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 62)

(१) चाहने से कोई चीज अपनी तो नहीं होती !
हर मुश्कुराहत अपनी तो नहीं होती !!
पाना तो सभी चाहते हैं बहुत कुछ !
मगर कभी वक्त तो कभी किश्मत साथ नहीं होती !!
 
(२) जीने की नई अदा दी हैं !
खुश रहने की उसने दुवा दी हैं !!
एय खुदा उसे सारा जहाँ देना !
जिसने मुझे अपने दिल में जगह दी हैं !!
 
(३) मेरी बर्बादी पे तू मज़ाक न करना !
भूल जाना मुझे मेरा खयाल न करना !!
तेरी ख़ुशी के लिए कफ़न भी ओढ़ लेंगे !
तू मेरी लाश से कोई सवाल न करना !!
 
(४) लहरों से समंदर की गहराई नहीं मिलती !
पंख होने से आकाश की उचाई नहीं मिलती !!
यूँ तो कट जाता हैं वक्त उलझनों में !
पर आप की यादों से ही कभी रिहाई नहीं मिलती !!
 
(५) जो सफ़र की सुरुवात करते हैं !
वो मंजिल को पार करते हैं !!
बस एक बार चलने का हौसला रखिए !
अच्छे इन्सान का तो रास्ते भी इंतज़ार करते हैं !!

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 61)

(१) बंद होठों से गम छुपाते गए !
खुली आँखों से प्यार लुटाते गए !!
हर एक से धोखा खाया इस जहाँ में !
लेकिन सब के लिए हर पल मुश्कुराते गए !!

(२) कैसे कह दूँ की उन से मिलने की चाहत नहीं !
बेकरार दिल को अब भी राहत नहीं !!
भुला देते उन्हें भी मगर क्या करे !
किसी को भूलने की इस दिल को आदत नहीं !!

(३) पानी से तस्वीर कहाँ बनती हैं !
ख्वाबो से तक़दीर कहाँ बनती हैं !!
किसी से दोस्ती करो तो सच्चे दिल से करो !
क्योकि ये ज़िन्दगी फिर कहाँ मिलती हैं !!

(४) हर इश्क में ऐसा मोड़ क्यों आता हैं !
एक साथी दुसरे को तनहा छोड़ जाते हैं !!
जन्मो तक साथ निभाने वाले...!
बेगानों की खातिर अपनों का दिल क्यों तोर जाते हैं !!

(५) दूर होने का कोई गम न करो !
याद कर पर आँखे नम न करो !!
तुम्हारी ख़ुशी में ही हैं हमारी ख़ुशी !
इसलिए अपनी प्यारी मुश्कान कम न करो !!

9 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 60)

(१) वो खुद नहीं जानते वो कितने प्यारे हैं !
जान हैं हमारी हमें जान से प्यारे हैं !!
लोगों के कहने से क्या होता हैं !
वो कल भी हमारे थे आज भी हमारे हैं !!

(२) थोड़ी ही सही मगर एक याद तो हैं !
कुछ न सही मगर कोई बात तो हैं !!
न सोच के भी हम आपको सोचते हैं !
निगाहों से दूर सही पर कोई साथ तो हैं !!

(३) बेसक कुछ वक़्त का इंतजार मिला हमको !
खुदा से भी बढ़ कर यार मिला हमको !!
न रही तमन्ना किसी को पाने की !
तेरी दोस्ती से इतना प्यार मिला हमको !!

(४) जमाने से नहीं तन्हाई से डरते हैं !
प्यार से नहीं रुसवाई से डरते हैं !!
दिल में उमंग हैं आपसे मिलने की !
लेकिन मिलने के बाद जुदाई से डरते हैं !!

(५) गम के सागर में कभी डूब न जाना !
मंजिल न भी मिले तो टूट न जाना !!
ज़िन्दगी में अगर दोस्त की कमी महसूस हो !
तो हम अभी जिन्दा हैं ये भूल न जाना !!

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 59)

(१) गुलसन में भी बहार आते हैं !
हर किसी पे हम कहाँ यकीन कर पाते हैं !!
दिल का जिसपे होता हैं ज्यादा भरोसा !
कसम से उसी से हम धोखा खाते हैं !!

(२) सौ दूरियों पे रह कर भी जुदा न थे !
वो मेरी जिंदगी थे बेवफा न थे !!
जरा सी बात को क़यामत बना डाला !
वर्ना कभी वो मुझसे इतना खफा न थे !!

(३) हुस्न वाले खूब वफाओ का सिला देते हैं !
हर मोड़ पे एक ज़ख्म नया देते हैं !!
अए दोस्त इस जहाँ में कोई अपना नहीं !
जब आग लगती हैं तो पत्ते भी हवा देते हैं !!

(४) दर्द ने पलकों पे सजाया मुझको !
जिंदगी क्या हैं ये बताया मुझको !!
जब भी दिल में हँसने की तमन्ना जागी !
मेरी तक़दीर ने जी भर के रुलाया मुझको !!

(५) चाहत को रोग बना लेने दो !
पलकों के बिच छुपा लेने दो !!
बाद में तुम तक़दीर बताना मेरी !
पहले मुझे ख्वाब सजा लेने दो !!

8 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 58)

(१) दिन का उजाला हो या रात की ख़ामोशी !
आपकी याद हमें तनहा होने नहीं देती !!
खुदा ने दिया हमें आप जैसा दोस्त !
बस ये ख़ुशी हमें रात भर सोने नहीं देती !!

(२) तेरी याद में जरा आँखे भिंगो लूँ !
उदास रात की तनहाई में सो लूँ !!
अकेले गम का बोझ अब संभालता नहीं !
अगर तू मिलजाए तो तुझसे लिपटके रो लूँ !!

(३) मोहब्बत भी अजीब सी होती हैं !
हर लम्हा उनकी कमी सी होती हैं !!
चाहते हैं उनको इस कदर हम !
ज़रा सी खरोच उनको लगे तो हमें तकलीफ होती हैं !!

(४) हर किसी को हम नहीं आजमाते !
हर किसी को हम नहीं सताते !!
सताते हैं तो सिर्फ दिल में रहने वालो को !
गैरों की तरफ तो हम नज़र भी नहीं उठाते !!

(५) हँसी मेरी थी पर चेहरा उनका था !
मेरे इस दिल पे सिर्फ नाम उनका था !!
जिसके लिए मैंने की अपनों से बगावत !
मेरे ही खिलाफ हर इलज़ाम उनका था !!

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 57)

(१) दिल के हर गम को हँस कर उराते चले गए !
राहे वफ़ा में खुद को मिटाते चले गए !!
कुछ इस कदर गुजरी हैं जिंदगी अपनी !
खुद रोए और सब को हँसाते चले गए !!

(२) जिंदगी का और कुछ न इरादा हैं !
बस तेरा साथ देने का वादा हैं !!
साथ तुम हो तो सबकुछ मेरा हैं !
वर्ना जिंदगी जीने का मकसद अधुरा हैं !!

(३) ऐसा भी हो कभी उनसे मिला दे कोई !
कैसे हैं वो इतना तो बता दे कोई !!
वो तो खोए हैं अपने ही रंगों की दुनियाँ में !
मेरे दिल का हाल उन्हें बता दे कोई !!

(४) सपनो से दिल लगाने की आदत न रही !
हर वक्त मुश्कुराने की आदत न रही !!
ये सोच के की कोई मनाने नहीं आएगा !
अब हमें रूठ जाने की आदत न रही !!

(५) उस पार ही सही किनारा तो हैं !
टिमटिमाता ही सही सितारा तो हैं !!
हो जाती हैं आपकी यादों से ही तसल्ली !
दूर ही सही कोई हमारा तो हैं !!

6 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 56)

(१) सब के चेहरे पे वो बात नहीं होती !
थोड़े अँधेरे से रात नहीं होती !!
जिंदिगी में कुछ लोग बहुत प्यारे होते हैं !
कमबख्त उन्ही से तो मुलाकात नहीं होती !!

(२) क्यों कोई किसी का इंतजार करता हैं !
क्यों कोई किसी पे इतना एतबार करता हैं !!
खुदा ने बनाई ये कैसी रीत.....!
किसी को खबर नहीं की कोई उसको कितना प्यार करता हैं !!

(३) सुकून मिल गया दिल को बदनाम होके !
हर इलज़ाम पे बे जुबान होके !!
लोग पढ़ लेंगे तेरी आँखों में मोहब्बत मेरी !
तू लाख इनकार कर अनजान होके !!

(४) जाने क्या ज़माना हमसे चाहता हैं !
हर कोई हमें आज़माना चाहता हैं !!
जाने क्या हैं हमारे चेहरे में !
हर कोई हमें हँसा के फिर रुलाना चाहता हैं !!

(५) थोड़ासा दिल उदाश कर लिया करो !
हम से दुरी का एहसास कर लिया करो !!
हमेशा हम ही पहले याद करते हैं आपको !
कभी आपभी तो हमें याद कर लिया करो !!

5 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 55)

(१) बेनाम सा ये दर्द ठहर क्यों नहीं जाता !
जो बीत गया वो गुजर क्यों नहीं जाता !!
वो एक चेहरा तो नहीं सारे जमाने में !
जो दूर हैं वो दिल से उतरा क्यों नहीं जाता !!

(२) फूल सबनम में डूब जाते हैं !
ज़ख्म मरहम में डूब जाते हैं !!
जब कोई सहारा नहीं मिलता हमें !
हम आपके यादों में डूब जाते हैं !!

(३) ख़ुशी की पल हो तुम्हारे लिए !
बहारो की गुलिस्ता हो तुम्हारे लिए !!
कामयाबी की मंजिल हो तुम्हारे लिए !
बस एक प्यारा सा दोस्त बनकर रहना हमारे लिए !!

(४) दोस्ती तो एक अनमोल ताज़ होता हैं !
दोस्त को जिसपे नाज़ होता हैं !!
कृष्णा और सुदामा को देख कर पता चलता हैं !
की भगवान् भी दोस्ती का मोहताज़ हैं !!

(५) चाँद की जुदाई में आसमान भी रोता हैं !
उसकी झलक पाने को हर सितारा तरसता हैं !!
बादल का दर्द भी देखो जानेमन !
चाँद की याद में वो भी बरसता हैं !!

1 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 54)

(१) कुछ दोस्तों ने हमको भी मशहूर कर दिया !
गम में भी मुश्कुराने पर मजबूर कर दिया !!
आप भी सामिल हैं उन गिनती के लोगों में !
जिन्होंने हमें काँच से कोहिनूर कर दिया !!

(२) यादें आँशु होती तो छलक जाती !
यादें लिखावट होती तो मिट जाती !!
यादें तो जिंदगी में बसा वो एहसास हैं !
जो लाख कोशिश के बाद भी लब्जो में बयां नहीं होती !!

(३) कहीं दूर से एक बार सता दो मुझे !
मेरे तन्हाई का एहसास दिला दो मुझे !!
तुम तो रौशनी हो मेरे जिंदगी का....!
दिया हूँ मैं किसी दहलीज़ पर ही जला दो मुझे !!

(४) तेरी यादों के बिखरे टुकरे चुन कर !
गुजरे लम्हों की तस्वीर बाला लूँ...
अपनी हर ख़ुशी तेरे नाम लिख के !
तेरे दुखो को अपनी तक़दीर बना लूँ...

(५) रात की करवटों को बद-गुमानी हैं !
जो भी चाहे कर ले तेरी मन मानी हैं !!
सवरता हैं इश्क रात की जुल्फों में !
प्यार से लिपटने की चाहत ही जिंदगानी हैं !!

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