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8 अप्रैल 2011

Hindi Shayari - हिंदी शायरी - (भाग - 58)

(१) दिन का उजाला हो या रात की ख़ामोशी !
आपकी याद हमें तनहा होने नहीं देती !!
खुदा ने दिया हमें आप जैसा दोस्त !
बस ये ख़ुशी हमें रात भर सोने नहीं देती !!

(२) तेरी याद में जरा आँखे भिंगो लूँ !
उदास रात की तनहाई में सो लूँ !!
अकेले गम का बोझ अब संभालता नहीं !
अगर तू मिलजाए तो तुझसे लिपटके रो लूँ !!

(३) मोहब्बत भी अजीब सी होती हैं !
हर लम्हा उनकी कमी सी होती हैं !!
चाहते हैं उनको इस कदर हम !
ज़रा सी खरोच उनको लगे तो हमें तकलीफ होती हैं !!

(४) हर किसी को हम नहीं आजमाते !
हर किसी को हम नहीं सताते !!
सताते हैं तो सिर्फ दिल में रहने वालो को !
गैरों की तरफ तो हम नज़र भी नहीं उठाते !!

(५) हँसी मेरी थी पर चेहरा उनका था !
मेरे इस दिल पे सिर्फ नाम उनका था !!
जिसके लिए मैंने की अपनों से बगावत !
मेरे ही खिलाफ हर इलज़ाम उनका था !!

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